Peoples, Blogging

The Void Inside Us. (Collab)


AestheticGraphy


I feel empty, very void.

I don’t know how and I don’t know why.

But it is a burning flame inside of me.

Igniting my very being.

Not happy not sad, I don’t feel I feel.

The void devours my words before I speak.

I close my eyes and phosphenes die out.

Like a cellar deprived of light for ages.

The world revolving around me seems so disparate,

Like it’s all against me.

Sometimes I wonder how it could be so bad.

Or is it the void which makes me think so much?

In need of a hand to hold mine when I lay numb.

To pull me out and lend me a purpose.

Listen me out as I crave to be heard,

To fill my emptiness with a fire of passion.

-ManManthan & AestheticGraphy


This poem is written in collaboration with Darshan and we have expressed our…

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Peoples, Blogging

बेटी नाम कलंक,,,,,,,🚺🚺


Priyanshi blog

आज के समाज में देखा जाए तो बेटियों के साथ भेदभाव अभी भी हो रहा है। समाज में तरक्की तो हो रही है लेकिन जब बात बेटियों की आती है तो वहीं समाज पिछड़ जाता है। आज भी ऐसे घर परिवार बहुत से हैं जहां पर बेटियों के साथ भेदभाव किया जाता है। क्योंकि जहां एक तरफ लड़कों के प्रति समाज में बहुत सम्मान वा अपनी जिंदगी जीने के लिए पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त होती है। वहीं दूसरी तरफ बेटियों से कहा जाता हैं घर से ना निकलो, फोन मत चलाओ, टीवी मत देखो, और यहां तक की किसी भी लड़के से बात करती हुई दिखाई दे तो उसका भी गलत अर्थ निकाला जाता है। आंखें यह सब कब तक चलेगा बेटियों को क्यों पिंजरे में बंद करके रखते हैं। जब तक मैं मायके में रहती है तो बाप भाई व समाज की कैद में रही जब वह ससुराल गई तो…

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